
देवप्रयाग टाईम्स 1 अगस्त 2026 (गिरीश भट्ट )
देवप्रयाग /टिहरी गढ़वाल: आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कांवड़ यात्रा मार्ग और विभिन्न कांवड़ घाटों का धरातलीय निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 जुलाई से 10 अगस्त तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वहन करने की हिदायत दी।
घाटों और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने घाटों पर पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, बैरिकेडिंग, यातायात और सुरक्षा प्रबंधों को बारीकी से परखा। यात्रा मार्ग पर विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा चलाए जा रहे लॉपिंग-चॉपिंग (पेड़ों की छंटाई) कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
खोया-पाया केंद्र की कार्यशैली को सराहा
अपर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग द्वारा स्थापित खोया-पाया केंद्र का भी जायज़ा लिया। केंद्र की टीम ने बताया कि बीते दिन से शनिवार शाम तक गुमशुदगी के कुल 12 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें तत्परता दिखाते हुए सभी 12 श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके परिजनों व साथियों से मिला दिया गया है। एडीएम ने इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे श्रद्धालुओं के लिए बेहद राहतकारी व्यवस्था बताया।
“विभिन्न राज्यों से पहुंचे कांवड़ियों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और सुरक्षा की खुलकर तारीफ की और उत्तराखंड सरकार का आभार जताया।”
चिकित्सा शिविरों में मिल रही निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविर के निरीक्षण के दौरान एडीएम को अवगत कराया गया कि कांवड़ यात्रियों के लिए प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता रोजाना सुबह से रात 8 बजे तक निरंतर सुनिश्चित की जा रही है।
इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी आशीष चन्द्र घिल्डियाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डी.के. शर्मा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमल सिंह, नगर पालिका मुनिकीरेती के अधिशासी अधिकारी बद्री दत्त भट्ट सहित समस्त सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
