विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान: नोटिस वितरण में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर मिलेगी विधिक सजा

देवप्रयाग टाईम्स 31 जुलाई26

देवप्रयाग/ टिहरी (गिरीश भट्ट )विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप निर्वाचक नामावली, दावे-आपत्तियों के निस्तारण, नोटिस वितरण और सुनवाई की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

15 सितंबर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन बीते 14 जुलाई 2026 को किया जा चुका है। वर्तमान में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। प्राप्त दावों व आपत्तियों का निस्तारण और नोटिसों की सुनवाई 11 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी, जिसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा।

जनपद में 4.63 लाख मतदाता, 1.17 लाख नोटिस प्रस्तावित

जनपद की सभी छह विधानसभा सीटों के कुल 994 मतदान केंद्रों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में जिले में कुल 4,63,628 नामांकित मतदाता हैं। मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए जिले में कुल 1,17,501 नोटिस जारी किए जाने हैं।

विधानसभावार आंकड़े:

  • घनसाली: 161 मतदान केंद्र | 85,081 मतदाता | 21,094 नोटिस
  • धनोल्टी: 191 मतदान केंद्र | 82,797 मतदाता | 21,240 नोटिस
  • नरेन्द्रनगर: 175 मतदान केंद्र | 79,199 मतदाता | 20,758 नोटिस
  • देवप्रयाग: 158 मतदान केंद्र | 75,437 मतदाता | 19,131 नोटिस
  • प्रतापनगर: 153 मतदान केंद्र | 74,237 मतदाता | 16,022 नोटिस
  • टिहरी: 156 मतदान केंद्र | 66,877 मतदाता | 19,256 नोटिस

बीएलओ ऐप पर दर्ज होगी प्रविष्टि, नोटिस के साथ ही लें दस्तावेज

समीक्षा के दौरान नोटिस वितरण की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी ERO को निर्देश दिए कि BLO के माध्यम से नोटिसों की तत्काल तामीली कराई जाए और BLO App पर समय से प्रविष्टि दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सुनवाई की तिथि से पर्याप्त समय पहले मतदाता को नोटिस मिलना चाहिए, ताकि वह अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सके। संभव हो तो नोटिस देते समय ही जरूरी अभिलेख प्राप्त कर लिए जाएं ताकि प्रक्रिया सुगम हो सके।

लापरवाही पर धारा-32 के तहत होगी कड़ी कार्रवाई

शैलेन्द्र सिंह नेगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पुनरीक्षण कार्य निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इसमें लापरवाही या शिथिलता बरती गई, तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने प्रतिदिन दावों और आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए।

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