
टिहरी गढ़वाल। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बाल विकास परियोजना चंबा में मंगलवार को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का मुख्य विषय “आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल पूर्व शिक्षा के अंतर्गत बच्चों के साथ की जाने वाली गतिविधियां” रहा।
कार्यक्रम में कार्यकर्त्रियों ने कविताओं, संवाद और खेलों के जरिए बच्चों के भाषा, शारीरिक व मानसिक विकास का प्रस्तुतीकरण दिया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि आनंददायक माहौल में बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
सर्वांगीण विकास पर जोर: जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका स्पष्ट की।
मनोबल में वृद्धि: बाल विकास परियोजना अधिकारी ममता लेखक ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कार्यकर्त्रियों का मनोबल बढ़ता है और कार्य क्षमता में सुधार आता है।
विभागीय योजनाओं की जानकारी: वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक बिष्ट रश्मि ने कार्यकर्त्रियों को विभाग की नींव बताते हुए वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली व पीड़िता सुरक्षा सेवाओं की जानकारी दी।
सेमिनार में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से मंजू रावत व मुनाजिर हुसैन, मिशन शक्ति से रमेश, नवीन, कीर्ति कुमारी, विभिन्न क्षेत्रों की सुपरवाइजर और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।
