
देवप्रयाग टाईम्स
देवप्रयाग/टिहरी गढ़वाल, 05 सितंबर 2026: जिला अस्पताल, नई टिहरी के आयुर्वेदिक विंग में दी जा रही पंचकर्म एवं शिरोधारा चिकित्सा पद्धति अनिद्रा और तनाव से पीड़ित मरीजों के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। हाल ही में केंद्रीय विद्यालय, नई टिहरी के प्राचार्य प्रदीप थपलियाल ने इन पारंपरिक सेवाओं का लाभ उठाकर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से स्थायी राहत प्राप्त की है।
प्राचार्य प्रदीप थपलियाल विगत कुछ समय से अनिद्रा (इंसोमनिया) और मानसिक तनाव की समस्या से जूझ रहे थे। उन्होंने उपचार के लिए जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक विंग में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सिद्धी मिश्रा से परामर्श लिया। डॉ. मिश्रा ने उनके स्वास्थ्य का गहन परीक्षण करने के पश्चात उन्हें पंचकर्म एवं शिरोधारा थेरेपी लेने की सलाह दी।
चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नियमित उपचार प्रक्रिया पूरी करने के बाद श्री थपलियाल के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। प्राचार्य ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शिरोधारा और पंचकर्म के बाद उनकी नींद के चक्र में काफी सुधार आया है तथा तनाव एवं बेचैनी से मुक्ति मिली है।
उपचार से संतुष्ट होकर उन्होंने जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक विंग की आधुनिक सुविधाओं, उपकरणों तथा चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के सेवाभावी व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध यह पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आम जनता के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
