
देवप्रयाग टाईम्स (गिरीश भट्ट )
देवप्रयाग/टिहरी गढ़वाल, 13 अगस्त 2026
टिहरी गढ़वाल में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के दिशा-निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमलेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति व कुशल मार्गदर्शन में ‘PM-RAHAT’ (प्रधानमंत्री राहत) योजना के सफल संचालन हेतु एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों तथा ब्लॉक फील्ड सहायकों (BFA) से कहा कि ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का पहला घंटा) के भीतर मरीज की जान बचाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन के अभाव में कोई भी दुर्घटना पीड़ित उपचार से वंचित न रहे। ‘PM-RAHAT’ योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को (बिना किसी वित्तीय बाधा के) देश के सूचीबद्ध अस्पतालों में एक निश्चित राशि तक नि:शुल्क/कैशलेस इलाज प्रदान किया जाता है, ताकि समय पर इलाज न मिलने के कारण होने वाले हादसों में मृत्यु दर को कम किया जा सके।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) ने सभी ब्लॉकों से आए चिकित्सा अधिकारियों को iRAD, e-DAR, TMS, 112 तथा PM-RAHAT योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्त्वाकांक्षी योजना को जिले में सुचारू रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर रविंद्र सिंह चौहान द्वारा किया गया।
📌 प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
- PM-RAHAT योजना: दुर्घटना पीड़ितों के लिए योजना का त्वरित क्रियान्वयन।
- iRAD एवं e-DAR पोर्टल: इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस और डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट की प्रविष्टि।
- TMS पोर्टल: ट्रीटमेंट मैनेजमेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली और समन्वय।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के समस्त चिकित्सा अधिकारियों (Medical Officers), नर्सिंग अधिकारियों (Nursing Officers) और डेटा एंट्री ऑपरेटरों (Data Entry Operators) ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
✏️ किए गए प्रमुख सुधार:
- वाक्य संरचना और व्याकरण: डॉ. राम प्रकाश और डॉ. अमलेश कुमार के पदों तथा संबोधनों की पुनरावृत्ति को ठीक किया गया।
- स्पेलिंग त्रुटियाँ: “महत्व कांशी” को ‘महत्त्वाकांक्षी’, “पेसेंट” को ‘मरीज/पीड़ित’, और “सहभागिता कि” को ‘सहभागिता की’ में सुधारा गया।
- समाचार शैली: अनुच्छेदों को एक सुव्यवस्थित प्रवाह दिया गया ताकि समाचार पत्र के संपादकीय मानकों के अनुसार यह आसानी से पढ़ा जा सके।
