
देवप्रयाग टाईम्स (गिरीश भट्ट )
- देवप्रयाग/टिहरी गढ़वाल, 05 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (ADM) शैलेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में ‘उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण समिति’ की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि शासन स्तर से राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 24 सितंबर 2026 तक कर दिया गया है।
बैठक में समिति के समक्ष विभिन्न तहसीलों से कुल 11 मामले विचार-विमर्श के लिए प्रस्तुत किए गए। इनमें चंबा से दर्शन लाल कुकरेती, कीर्ति नगर से सुंदरमणि, टिहरी से विक्रम सिंह बिष्ट, विद्या नेगी, मनोहर सिंह चौहान, दिनेश सिंह राणा व भूपेंद्र सिंह तोपवाल, धनौल्टी से जगत सिंह व वीरेंद्र सिंह चौहान, भिलंगना से तेजराम सेमवाल तथा धनपाल से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।
गहन विचार-विमर्श के बाद समिति ने पाया कि अधिकांश मामलों में आवश्यक साक्ष्य और प्रामाणिक दस्तावेज (अभिलेख) अपर्याप्त हैं। इस पर निर्णय लिया गया कि इन सभी 11 प्रकरणों को आगामी बैठक में जिलाधिकारी टिहरी की मौजूदगी में पुनः रखा जाएगा, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पारदर्शी व न्यायसंगत फैसला लिया जा सके।
बैठक के दौरान समिति के गैर-सरकारी सदस्यों ने शासन के दिशा-निर्देशों एवं शासनादेशों के अनुरूप आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण पर त्वरित निर्णय लेने की मांग उठाई।
ये रहे मौजूद: बैठक में एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, समिति के सदस्य डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, दिनेश डोभाल, महिपाल रावत, लोकेंद्र दत्त जोशी, पुरुषोत्तम बिष्ट, विद्या नेगी, सीता देवी के अलावा स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
