
देवप्रयाग टाईम्स 2 अगस्त 26 (गिरीश भट्ट)
देवप्रयाग/टिहरी। निर्माणाधीन बहुउद्देशीय सौंग बांध परियोजना के निर्माण कार्यों एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं का शनिवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) शैलेन्द्र सिंह नेगी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। चार गांव और 344 परिवार प्रभावित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से टिहरी गढ़वाल के सौंदणा, रगड़गांव, घुडशाल और देहरादून का प्लेड गांव प्रभावित हो रहे हैं। * प्रभावित भूमि: कुल 10.560 हेक्टेयर। * प्रभावित परिवार: 30 खातेदारों के 76 परिवार पूर्ण रूप से तथा 107 खातेदारों के 268 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हैं। * संरचनाएं: 61 आवासीय भवन और 33 गौशालाएं परियोजना की जद में आ रही हैं। एडीएम ने स्पष्ट किया कि पूर्ण प्रभावित गांवों के पुनर्वास प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं और भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-19 के तहत प्रतिकर वितरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। 2100 करोड़ की लागत से बनेगा 133 मीटर ऊंचा बांध परियोजना अधिकारियों के अनुसार: * लागत व ऊंचाई: लगभग ₹2,100 करोड़ की लागत से बनने वाले इस बांध की ऊंचाई 133 मीटर होगी, जो भविष्य में पेयजल आपूर्ति को मजबूती प्रदान करेगा। * सड़क निर्माण: मालदेवता से डैम स्थल तक 10.50 किमी एप्रोच मार्ग तैयार हो चुका है, जबकि डैम टॉप के दोनों ओर 2.50-2.50 किमी सड़क का निर्माण प्रगति पर है। पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन, तय समयसीमा में कार्य पूरा करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपमहाप्रबंधक प्रताप सिंह बिष्ट, परियोजना प्रबंधक सुधीर सैनी, शुभांशु तिवारी, धीरेन्द्र नेगी और गिरीश भट्ट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
