
देवप्रयाग टाईम्स (गिरीश भट्ट) 19 अगस्त 26 बुधवार
देवप्रयाग/नई टिहरी। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूस्खलन, पेयजल, सड़क सुरक्षा, पशुधन एवं पुनर्वास से जुड़े विभिन्न संवेदनशील मुद्दों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
धनोल्टी क्षेत्र के उनियाल गाँव (कद्दूखाल) में निजी निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई से उत्पन्न भूस्खलन का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व स्थल की तकनीकी जांच अनिवार्य होगी। इसके लिए भू-वैज्ञानिक, अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) और सिंचाई विभाग की संयुक्त समिति गठित की गई है। लोनिवि थत्यूड़ को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने और लैंड स्टेबिलाइजेशन (भू-स्थिरीकरण) का कार्य तुरंत शुरू करने के आदेश दिए गए।
बैठक में सी-ब्लॉक नई टिहरी, पीएमजीएसवाई के सतेगल मोटर मार्ग तथा जौनपुर क्षेत्र के मरोड़ा-बनाली-कुंड मोटर मार्ग के स्थायीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन में प्रयुक्त होने वाली मॉर्चरी वैन का एस्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने अवगत कराया कि वर्तमान में केवल नरेंद्रनगर और मुनिकीरेती में ही ‘कैटल कैचर’ उपलब्ध हैं। इस पर जिलाधिकारी ने शेष सभी विकासखंडों और नगर निकायों में भूमि चिह्नित कर जल्द से जल्द कैटल कैचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम टिहरी सहित लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
